नवरगांव
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चंद्रपुर: के नवरगांव में एक तहसील, सिंदेवाही, जहाँ रेत के टीलों से हो रहा है अवैध खनन, इस समस्या का सामना कर रहा है। यहाँ उमा नदी से लेकर सराडी-रेतीघाट तक, अवैध रेत को छुपाकर पहुंचाने का गुप्त रास्ता है। तहसील प्रशासन की टीम ने इस समस्या को समझते हुए रत्नापुर रोड पर एक बिना नंबर वाले ट्रैक्टर को जब्त किया है। इस कदम से बालू तस्करों में हलचल मची है।नवरगांव

सिंदेवाही तालुका में, जहाँ 9 से 10 रेतीघाट हैं और गुप्त मार्गों से बड़े पैमाने पर तस्करी की खबरें आती रही हैं, यहाँ प्रशासन को सवालों का सामना करना हो रहा है। भले ही सूर्यास्त के बाद रेत का उत्खनन व परिवहन न करने के निर्देश दिए गए हों, लेकिन रात को तस्करों की अंधाधुंध गतिविधियों के चलते बची हुई रेत का उत्खनन हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, तस्करों को अब लंबा रास्ता तय करना होगा। जनता यह कह रही है कि प्रशासनिक विभाग की सुस्ती के कारण कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है, और तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

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यह स्थिति गंभीर है क्योंकि दिनदहाड़े रेत की तस्करी बढ़ रही है, और राजस्व विभाग द्वारा स्वयं कार्रवाई करने में देरी हो रही है। इससे राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है।

नवरगांव से सारंडी मार्ग पर ट्रैक्टर से हो रही रेत की तस्करी की गोपनीय सूचना सिंदेवाही राजस्व टीम को मिली थी। इस टीम ने बिना नंबर के ट्रैक्टर को जब्त कर लिया और उसे तहसील कार्यालय में जमा कर दिया। उस ट्रैक्टर के मालिक के खिलाफ अधीनस्थ खनिज अधिनियम के तहत एक लाख सत्रह हजार रुपये का दंड लगाया गया है। सिंदेवाही के तहसीलदार ने बताया कि ट्रैक्टर नवरगांव के प्रमोद कामड़ी का था। इस कार्रवाई का मार्गदर्शन तहसीलदार संदीप पानमंड ने किया है, और इसमें अधीनस्थ खनिज दल के तलाठी एवं मंडल अधिकार अधिकारियों का सहयोग है।