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अगर आप नाबालिग 18 साल की उम्र से पहले गाड़ी चलाते हैं तो आप पर 25,000 का जुर्माना लगेगा

माता-पिता सावधान: नाबालिगों के लिए कार किराये पर लेना होगा महंगा!

जब सरकार ने हाल ही में नाबालिगों के लिए ड्राइविंग को सख्ती से नियंत्रित करने का निर्णय किया है, तो यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। नई नियमों के अनुसार, अगर कोई 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति गाड़ी चलाता है, तो उसके माता-पिता पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। इस नए कदम का मकसद बच्चों की सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन इससे माता-पिता को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

चंद्रपुर : नाबालिग

चंद्रपुर जिले में भी इस नियम को लागू करने का आदेश जारी किया गया है। नाबालिगों को वाहन चलाने पर लगने वाले जुर्माने की राशि 25,000 रुपये तक हो सकती है, और उन्हें 25 साल तक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलेगा। यह नियम सुनिश्चित करता है कि नाबालिग अपनी आत्मसमर्पण से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं कर सकते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा हो सके।

नियम है कि किसी को भी 18 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस दिया जा सकता है।

इस नए नियम के अनुसार, किसी को भी उसकी 18 साल की जन्मदिन तक ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकता है। इससे नए ड्राइवर्स को उचित तरीके से ट्रेनिंग मिल सकती है और उन्हें सड़क पर सुरक्षित रूप से चलने के लिए तैयार किया जा सकता है। यह नया नियम सुनिश्चित करता है कि नए ड्राइवर्स पूरी तरह से योग्य और सुरक्षित हों, जिससे सड़कों पर हादसों की संख्या में कमी हो सके।

नाबालिगों के हाथ में बाइक

एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि माता-पिता को भी इस नए नियम के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। बच्चों को गाड़ी चलाने की अनुमति देने से पहले, वे उनकी योग्यता और सावधानी की जांच कर सकते हैं। यदि वे नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें न तो सिर्फ जुर्माना भुगतना हो सकता है,बल्कि उन्हें आने वाली दिनों में ड्राइविंग लाइसेंस की भी अधिकारी नहीं हो सकती है। use this link

विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य उपायों को लागू करके 2030 तक दुर्घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम करना है

इसके अलावा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न अभियानों का लक्ष्य यही है कि हम सड़क सुरक्षा को बेहतर बना सकें। विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य है कि 2030 तक दुर्घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए। इसलिए हमें सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और नए नियमों का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

करेंगे तो देखेंगे: ‘

स्थानीय मीडिया ‘लोकमत’ की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रपुर शहर की सड़कों पर नाबालिगों के हाथ में बाइक चलाने का दृश्य सामान्य हो गया है। इससे ना केवल उनकी सुरक्षा का खतरा होता है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक असुरक्षित स्थिति उत्पन्न करता है। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रतिबद्ध स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि सख्ती से नियमों का पालन किया जाएगा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।

नाबालिगों को बाइक नहीं चाहिए

इस बढ़ती हुई स्थिति को देखते हुए ये बेहतर है कि माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, ताकि उन्हें किसी दुर्घटना से बचाया जा सके। नए नियमों के अनुसार, इसका उल्लंघन करने पर माता-पिता को जुर्माना भी हो सकता है, जिससे उन्हें अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए भी जिम्मेदारी मिलेगी।

आखिरकार, हम सभी को चाहिए कि हम सड़क सुरक्षा के महत्व को समझें और नए नियमों का पूरी तरह से पालन करें, ताकि हम अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। बच्चों को सड़क सुरक्षा की महत्वपूर्णता सिखाना हम सभी की जिम्मेदारी है ताकि हमारे समाज में एक सुरक्षित और निर्भीक वाहन चलाने की सामर्थ्य बनी रहे।

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