भारत और मालदीव
73 / 100

भारत और मालदीव के बीच उन हमारे सबसे करीबी सहयोगी और विकास साझेदारों में से एक है।त्पन्न विवाद के बावजूद, मालदीव के राष्ट्रपति ने CHINA KE SATH  और अधिक पर्यटकों को अपने देश में आकर्षित करने के लिए एक आग्रह किया है। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ची

चीन की यात्रा  दौरान, मालदीव के राष्ट्रपति ने चीन को अपने संबोधन में द्वीप राष्ट्र का “सबसे करीबी सहयोगी” बताया और चीन के साथ बने गए व्यापारिक और आर्थिक संबंधों की महत्वपूर्णता को बढ़ावा दिया। उन्होंने 2014 में शुरू हुई बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की प्रशंसा की और बताया कि इससे मालदीव के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्रदान की गईं।

राष्ट्रपति ने मालदीव में चीनी पर्यटकों की अधिक संख्या को बढ़ाने का आग्रह किया और चीन के साथ 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की परियोजना के तहत एक एकीकृत पर्यटन क्षेत्र की विकास में सहमति जताई। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने CHINA KE SATH मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्धता जताई और इसे दोनों देशों के बीच विशेष वाणिज्यिक संबंधों का प्रतीक बताया।

राष्ट्रपति ने उद्देश्य बताते हुए कहा कि एफटीए का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है, विशेष रूप से चीन को मालदीव के मछली उत्पादों के निर्यात में मदद करना है। चीन और मालदीव KE बीच 2022 में हुए द्विपक्षीय व्यापार में कुल 451.29 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान भी हुआ था। इसके साथ ही, मालदीव ने चीनी कंपनियों से 11 परियोजनाओं के लिए निवेश की मांग की है, जिसमें व्यापारिक बंदरगाह को स्थानांतरित करना, हवाई अड्डों का निर्माण, और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

  भारत मालदीव पर्यटन बाजार

2022 में, 240,000 आगमन  साथ भारत मालदीव पर्यटन बाजार में शीर्ष पर रहा। 198,000 पर्यटकों  साथ रूस दूसरे स्थान पर रहा और 177,000 से अधिक पर्यटकों के साथ ब्रिटेन तीसरे स्थान पर रहा।

कोविड से पहले, चीन 2.80 लाख से अधिक पर्यटकों के साथ शीर्ष स्थान पर था, लेकिन वर्तमान में लगभग चार साल की लॉकडाउन नीति और अपनी अर्थव्यवस्था की निरंतर मंदी के कारण अपने घरेलू और विदेशी पर्यटन को पुनर्जीवित करने  लिए संघर्ष कर रहा है।

दोनों देशों  बीच बढ़ती निकटता का एक और संकेत है, जो दोनों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर भारत और मालदीव  रिश्ते दिन-ब-दिन कमजोर होते जा रहे हैं। मालदीव पर्यटन के खिलाफ भारत का बहिष्कार अभियान तब शुरू हुआ जब मालदीव KE एक मंत्री ने लक्षद्वीप दौरे के बाद पीएम मोदी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। इस घटना के कारण भारतीय पर्यटकों को आरक्षण रद्द करना पड़ा।

मालदीव सरकार ने अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट  लिए जिम्मेदार तीन उप मंत्रियों को निलंबित करके और ऐसी टिप्पणियों  खिलाफ मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (MATI) से कड़ी निंदा प्राप्त करके स्थिति को संबोधित करने KE लिए कदम उठाए हैं। हालाँकि, मालदीव के खिलाफ बड़े पैमाने पर बहिष्कार अभियान के कारण भारतीयों द्वारा बड़ी संख्या में कार्यक्रम रद्द किए गए हैं।

more 

चीन को मालदीव के पर्यटन में शामिल होने के लिए आमंत्रण - राष्ट्रपति की अपील**

मालदीव राष्ट्रपति, मोहम्मद मुइज्जू, ने हाल ही में भारत-मालदीव विवादों के बीच बढ़ रहे दरमियान, चीन से अधिक पर्यटकों को अपने देश में आमंत्रित करने का आग्रह किया है। इस आमंत्रण के पीछे उनका कहना है कि चीन मालदीव  सबसे करीबी सहयोगी और विकास साझेदार है।

राष्ट्रपति ने यह आमंत्रण चीन की राजकीय यात्रा के दौरान किया, जब उन्होंने फ़ुज़ियान प्रांत में मालदीव बिजनेस फोरम को संबोधित किया।

1. **चीन के साथ सहयोग:** राष्ट्रपति ने चीन  साथ बढ़ते सहयोग की बात की और उन्होंने चीन  साथ बीजिंग  बीच दोनों देशों  बीच घनिष्ठ वाणिज्यिक संबंधों की महत्वपूर्णता को बताया।

2. **बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई):** राष्ट्रपति ने बीआरआई परियोजनाओं की प्रशंसा की और इसे मालदीव  इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना कहा।

3. **पर्यटन Ke लिए आग्रह:** राष्ट्रपति ने चीन से अधिक पर्यटकों को मालदीव आने KE लिए आमंत्रित किया और इसे अपने देश आर्थिक आधार को मजबूत करने का माध्यम बनाने की कड़ी मेहनत का हिस्सा बनाने का सुझाव दिया।

4. **चीन-मालदीव व्यापार:** राष्ट्रपति ने चीन-मालदीव द्विपक्षीय व्यापार  बढ़ते संबंधों को बताया और चीन से निवेश की और कहा कि उन्होंने 11 परियोजनाओं  लिए चीनी कंपनियों से निवेश के लिए मांग की है।

मालदीव राष्ट्रपति का आमंत्रण चीन के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए है।

More