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स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) और गणतंत्र दिवस,(Republic Day)भारत में दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उत्सव हैं जो देश के इतिहास में महत्वपूर्ण पलों को याद करते हैं। इन दोनों दिनों का महत्व और उनमें अंतर समझने के लिए हमें इनके पीछे के सांस्कृतिक, सामाजिक, और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को समझना आवश्यक है।

स्वतंत्रता दिवस:(Independence Day)

स्वतंत्रता दिवस, भारत के इतिहास में विशेष महत्वपूर्णता रखने वाला दिन है जो हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन 1947 में हुआ था जब भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी। इस दिन को राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने का मकसद है देशवासियों को उन वीरों की याद करने का, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी ताकि हम स्वतंत्र भारत में जी सकें।

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स्वतंत्रता दिवस का आयोजन देशभर में विभिन्न रूपों में होता है। सुबह से ही राष्ट्रीय ध्वज का अभिषेक होता है और स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों में तिरंगा फहराया जाता है। लोग अपने घरों को तिरंगे और फूलों से सजाते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में परेडेस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इस दिन राष्ट्रपति ने लाल किले से देश को संबोधित करते हैं और देशवासियों को अपने देश के प्रति समर्पित रहने की शपथ लेने का अवसर मिलता है।

स्वतंत्रता दिवस के दिन विभिन्न कारणों से अलग-अलग स्थानों पर दी जाने वाली स्वतंत्रता संग्रहण यात्राएं और भाषणों के माध्यम से लोगों को एक साजग भारत की दिशा में बदलाव के लिए सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस दिन को राष्ट्र के एकता और स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और राष्ट्रीय आयोजन माना जाता है।

a man holding an indian flag while standing in the himalayas
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गणतंत्र दिवस:(Republic Day)

गणतंत्र दिवस, भारत के इतिहास में 26 जनवरी को मनाया जाने वाला एक और महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन भारतीय संविधान को स्वीकृति मिली थी और देश गणराज्य के रूप में अपनी आधिकारिकता प्राप्त करता है। गणतंत्र दिवस का आयोजन भारतीय गणराज्य के नागरिकों के बीच संविधान के साथ उनके संबंध को और मजबूत बनाए रखने के लिए किया जाता है।

इस दिन का महत्वपूर्ण हिस्सा है राष्ट्रपति की गणतंत्र दिवस पर भाषण जो देशवासियों को संविधान की महत्वपूर्ण बातें समझाता है और उन्हें सार्वभौमिक नागरिकता की भावना के साथ जोड़ने का कार्य करता है। इसी दिन को लाल किले में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड का भी हिस्सा बनाया जाता है, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना, और वायुसेना की शक्ति दिखाई जाती है।

गणतंत्र दिवस का मकसद संविधान को महत्वपूर्णता देना है और लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देना है। इस दिन के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शन, और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं जो लोगों को संविधान की महत्वपूर्ण बातों से अवगत कराती हैं।

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kid holding two indian flags
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मुख्य अंतर:

  1. स्वतंत्रता दिवस में स्वतंत्रता का जश्न:
    • स्वतंत्रता दिवस में भारत ने ब्रिटिश शासन से मुक्ति प्राप्त की थी।
    • इस दिन को आजादी के स्वर से मनाया जाता है और लोग इसे देश की स्वतंत्रता के प्रति आभास करने का एक मौका मानते हैं।
    • इस दिन के उत्सव में प्रदर्शन, स्कूल कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, और तिरंगा फहराना शामिल होता है।
  2. गणतंत्र दिवस में संविधान का सम्मान:
    • गणतंत्र दिवस में भारतीय संविधान को स्वीकृति मिली थी और देश गणराज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हुआ था।
    • इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को संविधान की महत्वपूर्ण बातें समझाना और उन्हें सार्वभौमिक नागरिकता के साथ जोड़ने का है।
    • गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना का प्रदर्शन, संविधान की महत्वपूर्ण बातें समझाने के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है।